आप से मिल के भी ना कुच केहना ,
साथ सफ़र शुरू करने से पहेले ही ,
रास्तो का यू बदल जाना...
दुनिया की भीड़ में खो जाना ,
जिंदगी की दौड़ में समां जाना...
उन गुमनाम गलियों का अब्ब कोई वजूद ना होग़ा
आब आप की यादों में ही हमारा बसेरा होगा
बीते हुए लम्हे सपनो के जैसे होगा
जो ना सोचा वही पाया जैसे कुच सोचा हि ना था !
साथ सफ़र शुरू करने से पहेले ही ,
रास्तो का यू बदल जाना...
दुनिया की भीड़ में खो जाना ,
जिंदगी की दौड़ में समां जाना...
उन गुमनाम गलियों का अब्ब कोई वजूद ना होग़ा
आब आप की यादों में ही हमारा बसेरा होगा
बीते हुए लम्हे सपनो के जैसे होगा
जो ना सोचा वही पाया जैसे कुच सोचा हि ना था !
No comments:
Post a Comment